जानकी जयंती 2026 हिंदू धर्म में एक अत्यंत पावन और आध्यात्मिक पर्व है, जो माता सीता (जानकी) के अवतरण दिवस के रूप में मनाया जाता है। माता सीता केवल भगवान श्रीराम की पत्नी नहीं थीं, बल्कि वे त्याग, धैर्य, मर्यादा और नारी शक्ति की जीवंत मूर्ति थीं। इस दिन भक्त माता सीता के आदर्शों को स्मरण कर अपने जीवन में शांति, सौभाग्य और धर्म की स्थापना की कामना करते हैं।

“सीता शक्ति है – सहनशीलता में भी, साहस में भी।”
जानकी जयंती 2026 कब है?
जानकी जयंती 2026 चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाएगी। यह तिथि माता सीता के पृथ्वी से प्रकट होने का प्रतीक है, जब वे मिथिला के राजा जनक को हल चलाते समय प्राप्त हुई थीं।
जानकी जयंती कब है
जानकी जयंती 2026 तिथि पूजा विधि
माता सीता का आध्यात्मिक और ज्योतिषीय महत्व
माता सीता को धरती पुत्री कहा जाता है। ज्योतिष शास्त्र में वे चंद्रमा, शुक्र और पृथ्वी तत्व से जुड़ी मानी जाती हैं। उनका जीवन यह सिखाता है कि सच्ची शक्ति दिखावे में नहीं, बल्कि धैर्य और आत्म-सम्मान में होती है।
ज्योतिषीय दृष्टि से:
शुक्र → प्रेम, वैवाहिक सुख, स्त्री ऊर्जा
चंद्रमा → भावनात्मक संतुलन, सहनशीलता
पृथ्वी तत्व → स्थिरता, कर्म और धर्म
इसी कारण जानकी जयंती विशेष रूप से वैवाहिक सुख, पारिवारिक शांति और स्त्री सशक्तिकरण से जुड़ी मानी जाती है।
जानकी जयंती 2026 पर क्या करें? (पूजा व्रत और उपाय)
जानकी जयंती के दिन किए गए सरल उपाय जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं:
पूजा विधि
प्रातः स्नान कर पीले या हल्के रंग के वस्त्र पहनें
माता सीता और श्रीराम की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें
“श्री सीतारामाय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें
पुष्प, फल और मिठाई अर्पित करें
ज्योतिषीय उपाय
वैवाहिक बाधा के लिए शुक्र शांति प्रार्थना
गृह कलह के लिए चंद्र मंत्र जप
संतान सुख हेतु माता सीता का ध्यान
इन उपायों को कई ज्योतिष विशेषज्ञ, जैसे astrodrmunishsharma, पारंपरिक रूप से प्रभावी मानते हैं।
जानकी जयंती और वैवाहिक जीवन
माता सीता को आदर्श पत्नी माना जाता है, लेकिन वे आत्म-सम्मान और आत्मबल की भी प्रतीक थीं। जानकी जयंती 2026 पर विवाहित और अविवाहित दोनों के लिए यह दिन विशेष फलदायी माना जाता है।
अविवाहितों के लिए: योग्य जीवनसाथी का योग
विवाहितों के लिए: रिश्तों में विश्वास और संतुलन
महिलाओं के लिए: आत्मबल और मानसिक शांति
“सीता बनना कमजोरी नहीं, सबसे बड़ी शक्ति है।”
आधुनिक जीवन में माता सीता की सीख
आज के समय में, जब रिश्तों में धैर्य कम और अपेक्षाएँ अधिक हैं, माता सीता का जीवन हमें सिखाता है:
आत्मसम्मान बनाए रखना
कठिन परिस्थितियों में भी धर्म न छोड़ना
प्रेम में भी सीमाएँ तय करना
जानकी जयंती केवल पूजा का दिन नहीं, बल्कि आत्मचिंतन का अवसर है।
अंतिम संदेश
जानकी जयंती 2026 हमें यह याद दिलाती है कि सच्ची शक्ति शोर में नहीं, बल्कि शांति में होती है। यदि आप अपने जीवन में वैवाहिक सुख, मानसिक संतुलन या स्त्री ऊर्जा को समझना चाहते हैं, तो ज्योतिषीय मार्गदर्शन सहायक हो सकता है।
अपनी कुंडली में शुक्र और चंद्र की स्थिति जानें और वैवाहिक जीवन के लिए व्यक्तिगत ज्योतिषीय मार्गदर्शन प्राप्त करें।